शनिवार, 25 अप्रैल 2009

जीवन परिचय- बृजलाल वर्मा

बृजलाल वर्मा

जीवन परिचय
जन्म: 16 मार्च 1916 ग्राम पलारी जिला- बलौदाबाजार, छत्तीसगढ़
मृत्यु: 20 जुलाई 1987
पिता:  कलीराम वर्मा
शिक्षा:
प्रायमरी शिक्षा-  गृह ग्राम पलारी, जिला बलौदाबाजार (छ.ग.)
8वीं- पं. माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा संचालित सेवा सदन, हिरनखेड़ा, होशंगाबाद (म. प्र.)
मिडिल बोर्ड परीक्षा- गवरमेंट हाई स्कूल खंडवा (म. प्र.)
मेट्रिक-  पं. मदनमोहन मालवीय द्वारा संचालित सेंट्रल हिन्दू स्कूल  बनारस (उ.प्र.)
(बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी)
इंटरमीडिएट- सिटी कॉलेज, जबलपुर (म. प्र.)
बी. ए., एल. एल बी. - मॉरिस कॉलेज, नागपुर, महाराष्ट्र (नागपुर विश्वविद्यालय)
सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन:
-1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जब वे मॉरिस कॉलेज, नागपुर में कानून की पढ़ाई कर रहे थे तब आंदोलन की गतिविधियों मे संलग्न रहने के कारण एक वर्ष परीक्षा से वंचित किया गया था।
-1944 से बलौदा बाजार में वकालत शुरू की। उन्होंने वकालत को पेशे के रूप में कभी नहीं अपनाया, इसे शोषण के विरूद्ध लड़ाई का माध्यम बनाया।
-इसी दौरान वे सहकारी आंदोलन से जुड़े और उन्होंने किसानों में जागृति लाने का बीड़ा उठाया। इस आंदोलन के नेतृत्व के दौरान वे जेल भी गए।
-पलारी को जिले का पहला विकास खंड ब्लाक बनाने का श्रेय।
-सुभाष सहकारी विपणन संस्था पलारी की स्थापना।
-किसान राइस मिल पलारी की स्थापना एवं मिल हेतु जमीन दान।
-अपनी पुश्तैनी संपति- बालसमुंद जलाशय पलारी को किसानों के हित में राज्य शासन को सौंपा।
-सिद्धेश्वर मंदिर पलारी (8वीं शताब्दी) का जीर्णोद्धार एवं बालसमुंद जलाशय का घाट
निर्माण।
-पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म कहि देबे संदेश (1965) के निर्माण में महत्तवपूर्ण योगदान, गृह ग्राम पलारी में फिल्मांकन।
विधानसभा, लोकसभा सदस्य:
-1952 से 1972 तक विधानसभा सदस्य एवं केबिनेट मंत्री
-1952 आजादी के बाद प्रथम आम चुनाव में विधानसभा पलारी क्षेत्र से चुने गए।
-1957 दूसरे आम चुनाव में भी विधायक चुने गए।
-1962 तीसरे आम चुनाव में भी अपने क्षेत्र से जीत हासिल की।
-1967 से 1968 - संविद शासन मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए नाम प्रस्तावितकिया गया जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया। तब अविभाजित मध्यप्रदेश के आठ विभिन्न विभागों के केबिनेट मंत्री रहे - सिंचाई, विधि, योजना, विकास, कानून, जेल एवं अन्य विभाग।
-1974 से 1977 तक प्रदेश अध्यक्ष, जनसंघ- मध्य प्रदेश
-1975 में आपातकाल के दौरान वे 22 माह तक राजनैतिक मीसाबंदी के रूप में रायपुर, सिवनी, जबलपुर तथा तिहाड़ जेल दिल्ली में रहे।
-1977 के लोकसभा चुनाव में जनता पार्टी से महासमुंद से संसद सदस्य चुने गए।
-1977 से 1979 -  भारत सरकार में उद्योग एवं संचार विभाग के केन्द्रीय केबिनेट मंत्री रहे।

6 Comments:

Manoj Kumar Soni said...

बहुत अच्छा लिखा है . मेरा भी साईट देखे और टिप्पणी दे
वर्ड वेरीफिकेशन हटा दे . इसके लिये तरीका देखे यहा
http://www.manojsoni.co.nr
and
http://www.lifeplan.co.nr

अर्कजेश *Arkjesh* said...

बढ़िया ...

नारदमुनि said...

jankari ke liye thanks, narayan narayan

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

MAYUR said...

अच्छा लिखा है आपने , इस शानदार लेखन के लिए बधाई , साथ ही आपका चिटठा भी बहुत खूबसूरत है ,
इसी तरह लिखते रहे , हमें भी उर्जा मिलेगी ।

धन्यवाद ,
मयूर
अपनी अपनी डगर

Murari Pareek said...

मैं उस महान विभूति को नमन करता हूँ ! जिन्होंने अपना सुख त्याग कर देश सेवा का बीड़ा उठाया, आज ऐसे ही विभूतियों की फिर से इस देस को आवश्यकता है, और धन्य हैं आप जिन्हें ऐसे पिता की औलाद होने का गौरव नसीब हुआ!

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